High Court Questioned The Justification Of Prayagraj Smart City Limited – प्रयागराज स्मार्ट सिटी लिमिटेड के औचित्य पर हाईकोर्ट ने उठाया सवाल, कहा- नगर निगम, एडीए हैं तो इसकी क्यों जरूरत

High Court Questioned The Justification Of Prayagraj Smart City Limited – प्रयागराज स्मार्ट सिटी लिमिटेड के औचित्य पर हाईकोर्ट ने उठाया सवाल, कहा- नगर निगम, एडीए हैं तो इसकी क्यों जरूरत

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

Updated Wed, 11 Nov 2020 11:22 PM IST

इलाहाबाद हाईकोर्ट
– फोटो : अमर उजाला

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शहर विकास व सुंदरीकरण के गठित संस्था प्रयागराज स्मार्ट सिटी लिमिटेड के औचित्य पर सवाल उठाया है। कोर्ट का कहना है कि जब पीडीए व नगर निगम जैसी संस्थाएं पहले से मौजूद हैं तो अलग संस्था की सेवा लेना का क्या औचित्य है। यह भी टिप्पणी की है कि स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा शौचालयों का निर्माण समझ से परे है।

यह कार्य नगर निगम और पीडीए का है। कोर्ट ने इस मामले में अलगी सुनवाई पर जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।  कोरोना संक्रमण की रोक थाम के लिए सड़कों पर पुलिस तैनात कर मास्क पहनने की निगरानी करने का भी कोर्ट ने निर्देश दिया है। साथ ही कैंटोंनमेंट क्षेत्र की बंद सड़क खोलने का निर्देश दिया है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वप्रेरित जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजीत कुमार की पीठ ने सिविल लांइस के व्यापारियों को अपने वाहन निर्धारित पार्किंग स्थल में रखने का निर्देश दिया है।

शौचालयों के निर्माण पर उठाया सवाल

कोर्ट ने शौचालयों के निर्माण पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या शहर में विभिन्न स्थानों पर बनाए जा रहे शौचालय पीडीए के मास्टर प्लान के अनुसार बन रहे हैं।कोर्ट ने कहा कि शौचालय छोटे बने ।शहर का सुंदरीकरण हो,न कि सुंदरता नष्ट न की जाए। स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर अरुण कुमार से अगली तारीख पर बताने को कहा है कि किस कानून के तहत यह संस्था काम कर रही है। 

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शहर विकास व सुंदरीकरण के गठित संस्था प्रयागराज स्मार्ट सिटी लिमिटेड के औचित्य पर सवाल उठाया है। कोर्ट का कहना है कि जब पीडीए व नगर निगम जैसी संस्थाएं पहले से मौजूद हैं तो अलग संस्था की सेवा लेना का क्या औचित्य है। यह भी टिप्पणी की है कि स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा शौचालयों का निर्माण समझ से परे है।

यह कार्य नगर निगम और पीडीए का है। कोर्ट ने इस मामले में अलगी सुनवाई पर जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।  कोरोना संक्रमण की रोक थाम के लिए सड़कों पर पुलिस तैनात कर मास्क पहनने की निगरानी करने का भी कोर्ट ने निर्देश दिया है। साथ ही कैंटोंनमेंट क्षेत्र की बंद सड़क खोलने का निर्देश दिया है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वप्रेरित जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजीत कुमार की पीठ ने सिविल लांइस के व्यापारियों को अपने वाहन निर्धारित पार्किंग स्थल में रखने का निर्देश दिया है।

शौचालयों के निर्माण पर उठाया सवाल

कोर्ट ने शौचालयों के निर्माण पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या शहर में विभिन्न स्थानों पर बनाए जा रहे शौचालय पीडीए के मास्टर प्लान के अनुसार बन रहे हैं।कोर्ट ने कहा कि शौचालय छोटे बने ।शहर का सुंदरीकरण हो,न कि सुंदरता नष्ट न की जाए। स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर अरुण कुमार से अगली तारीख पर बताने को कहा है कि किस कानून के तहत यह संस्था काम कर रही है। 

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